Data Representation क्या है?
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो केवल बाइनरी भाषा (Binary Language) को समझता है। यह भाषा केवल दो अंकों 0 और 1 से मिलकर बनी होती है। इसलिए, कंप्यूटर में किसी भी प्रकार की जानकारी जैसे Number, Character, Image, Sound या Video को संसाधित (Process) करने से पहले बाइनरी रूप में परिवर्तित किया जाता है। इसी प्रक्रिया को Data Representation कहा जाता है।
सरल शब्दों में, कंप्यूटर में डेटा को इस प्रकार प्रदर्शित करना कि वह उसे समझ सके और उस पर कार्य कर सके, डेटा रिप्रेजेंटेशन कहलाता है।
Data Representation की आवश्यकता
कंप्यूटर मानव भाषा को सीधे नहीं समझ सकता। इसलिए डेटा को मशीन द्वारा समझने योग्य रूप में बदलना आवश्यक होता है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
डेटा को संग्रहित (Store) करने के लिए।
डेटा को संसाधित (Process) करने के लिए।
डेटा का आदान-प्रदान (Transfer) करने के लिए।
विभिन्न प्रकार की सूचनाओं को एक समान प्रारूप में प्रस्तुत करने के लिए।
कंप्यूटर की गति और दक्षता बढ़ाने के लिए।
डाटा रिप्रेजेंटेशन में क्या आता है-
Data type , Number System, fixed point representaion - 1's, 2's complement, ASCII, EBCDIC codes, Grey codes, Excess-3, BCD codes, Error decoration and correcting codes. होते है
(FAQs) about Data Representation
Q. Data Representation क्या है?
Ans.- कंप्यूटर में डेटा को बाइनरी रूप में प्रदर्शित करने की प्रक्रिया को Data Representation कहते हैं।
Q. कंप्यूटर बाइनरी संख्या पद्धति का उपयोग क्यों करता है?
Ans.- क्योंकि कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक सर्किट पर आधारित होता है, जो केवल दो अवस्थाओं ON और OFF को समझ सकता है।
Q. 1 Byte में कितने Bits होते हैं?
Ans.- 1 Byte में 8 Bits होते हैं।
Q. ASCII का क्या उपयोग है?
Ans.- ASCII का उपयोग अक्षरों और विशेष चिन्हों को बाइनरी रूप में प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।
Q. Two's (2's) Complement क्या है?
Ans.- यह ऋणात्मक संख्याओं को प्रदर्शित करने की सबसे प्रचलित विधि है।"